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अमेरिकी परिवार से रिश्वत मांगने के आरोप पर पंजाब के थाना प्रभारी लाइन हाजिर,जांच के आदेश

   राजेंद्र सिंह जादौन

चंडीगढ़,8जुलाई। अमेरिका में बसे परिवार से रिश्वत मांगने के आरोप में पंजाब के होशियारपुर जिले के टांडा थाना के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। आरोप कुछ समाचारो और इंटरनेट मीडिया पर वायरल पोस्टों के जरिए सामने आए थे।


रिपोर्ट में  दावा किया गया था कि अमेरिका की जांच एजेंसी एफ बी आई की तरफ से चलाए जा रहे कथित आपरेशन हार्डबाल के तहत वसूली से जुड़े एक मामले में उसका नाम सामने आया है। पंजाब पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि फिलहाल इन आरोपों की सत्यता की पुष्टि नहीं हुई है। तथ्यों की जांच तक एहतियात के तौर पर इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा को थाना टांडा से हटाकर पुलिस लाइन होशियारपुर भेज दिया गया है।

मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए डीआइजी जालंधर रेंज ने फैक्ट फाइंडिंग इंक्वायरी के आदेश जारी किए हैं। यह जांच एसपी (जांच) जालंधर देहात को सौंपी गई है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सामने आए सभी आरोपों, उपलब्ध तथ्यों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल यह केवल प्रारंभिक जांच है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि आरोपों में कोई सच्चाई पाई जाती है तो कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं यदि आरोप निराधार पाए जाते हैं तो उसी के अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा। पूरे मामले की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी तथा रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मामला होशियारपुर के टांडा क्षेत्र के गांव मियानी में हुई बलविंदर सिंह की हत्या से जुड़ा है। पीड़ित परिवार का आरोप था कि हत्या के पीछे बलविंदर सिंह की बेटी के पूर्व ससुराल पक्ष का हाथ था। बलविंदर सिंह की बेटी का विवाह अमेरिका में हुआ था, लेकिन बाद में उसका तलाक हो गया।

आरोप है कि हत्या की जांच के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने अमेरिका में रह रहे पीड़ित परिवार के सदस्यों से कई बार फोन पर संपर्क किया। परिवार का आरोप है कि उनसे तकरीबन 3.82 करोड़ रुपए  रकम की मांग की गई और पैसे नहीं देने पर हत्या के मामले में फंसाने की धमकी दी गई।

परिवार ने इस संबंध में अमेरिका की जांच एजेंसियों से शिकायत की। बाद में अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि जांच के दौरान संबंधित अधिकारी और अमेरिका में रह रहे परिवार के बीच कई बार बातचीत के रिकॉर्ड मिले। साथ ही यह आरोप भी सामने आया कि संबंधित अधिकारी के कुछ कथित गैंगस्टरों से भी संपर्क थे।

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