लखनऊ।Worldwide Talent Recognizer एवं निष्कर्ष प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिभाओं को सम्मानित करने की कड़ी में आज एक और नाम जुड़ गया। निष्कर्ष प्रकाशन की संस्थापिका व संचालिका डॉ. दिव्या सिन्हा ने डॉ खुशबू शांतिलेख लखनऊ उत्तर प्रदेश जो कि सोलो ट्रैवलर, पर्वतारोही और लेखक हैं को प्रतिष्ठित अवॉर्ड प्रदान किया।कौन हैं डॉ. दिव्या सिन्हा मध्यप्रदेश में जन्मी डॉ. दिव्या सिन्हा ने सितंबर 2021 से अपनी लेखन यात्रा शुरू की और महज कुछ वर्षों में साहित्य, कला व डिजिटल जगत में एक मिसाल कायम की है। उनकी उपलब्धियों पर एक नज़र:
- साहित्यिक योगदान 2500+ संकलनों में सह-लेखिका, 300+ संकलनों की संकलनकर्ता, 35 एकल पुस्तिकाओं की लेखिका
- *प्रबंधन व संपादन: 3000+ प्रोजेक्ट्स में प्रोजेक्ट-हेड, 2000+ में संपादिका, 1000+ पुस्तकों में समीक्षक
- *कंटेंट व रिसर्च: 1000+ प्रोजेक्ट्स में कंटेंट राइटर/एडिटर, 10+ में थीसिस राइटर, 100+ में रिसर्च पेपर राइटर
- *कला व मीडिया: 1000+ प्रोजेक्ट्स में वॉइस ओवर आर्टिस्ट, 500+ पेंटिंग, 500+ स्केचिंग, 55 यूट्यूब चैनलों की मार्गदर्शक- शिक्षा व कॉर्पोरेट अनुभव 2021 से राज्य सरकार के शिक्षा अभियान में शिक्षिका, सितंबर 2021 में प्रौढ़ शिक्षा हेतु जिले की सर्वश्रेष्ठ शिक्षिका का अवॉर्ड। 2021 में सनसोली कंपनी में 'हेड ऑफ डिजिटल मार्केटिंग', अगस्त-दिसंबर 2022 तक W.P. Publication अमेरिका में मैनेजर, जनवरी 2023-2024 तक J.E.C पब्लिकेशन में 'हेड ऑफ एंथॉलॉजी डिपार्टमेंट'- अंतर्राष्ट्रीय पहचान 21 जनवरी 2024 को दुबई में 10वें अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी अधिवेशन की पत्रिका हेतु संपादकीय कार्य व शोध पत्र प्रकाशित। फरवरी 2024 में जी-न्यूज़ पर आर्टिकल फीचर अन्य: 13 भारतीय भाषाओं का ज्ञान, गायन व नृत्य में दक्ष, डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित Google पर भी डॉ. सिन्हा का नाम _The Top 3 Most Talented Personalities Of The Globe In 2023_, _Best 3 Talented Personalities In India 2024_ और _10 Leading Indian Personalities In 2025_ की सूची में शामिल रहा है।अवॉर्ड वितरण समारोह Worldwide Talent Recognizer व निष्कर्ष प्रकाशन के सौजन्य से आयोजित इस सम्मान समारोह में डॉ. खुशबू शांतिलेख के शब्दों में - डॉ दिव्या सिन्हा ने मुझे यह अवॉर्ड प्रदान किया। वे निष्कर्ष प्रकाशन की संस्थापिका-संचालिका होने के साथ 'निष्कर्ष पत्रिका' की संपादिका भी हैं। उनके द्वारा दिया गया यह सम्मान मेरे लिए गर्व का विषय है। इस अवसर पर डॉक्टर दिव्या सिंह ने अपनी प्रकाशित पुस्तक "जज्बातों के पन्ने से" भी रूबरू कराया और कहा कि "प्रतिभा को मंच देना ही निष्कर्ष प्रकाशन का मूल उद्देश्य है। हम चाहते हैं कि देश का हर रचनाकार अपनी पहचान बना सके।"

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