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विक्की राजस्थान आर्किटेक्चर चैप्टर ने जयपुर में म्यूज़ियम अनुभव के साथ नए कार्यकाल की शुरुआत

विक्की राजस्थान आर्किटेक्चर चैप्टर ने जयपुर में म्यूज़ियम अनुभव के साथ नए कार्यकाल की शुरुआत

जयपुर | विक्की राजस्थान आर्किटेक्चर चैप्टर ने अपने 2026–27 कार्यकाल की शुरुआत एक विशेष कार्यक्रम “थ्रैड्स ऑफ टाइम : विविंग स्पेस एंड ऑब्जेक्ट– द ज्ञान म्यूजियम एक्सपीरिएंस ” के साथ की, जो 2 मई 2026 को ज्ञान म्यूजियम में आयोजित हुआ।अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के संदर्भ में आयोजित इस कार्यक्रम ने आर्किटेक्ट्स, डिज़ाइनर्स और सांस्कृतिक क्षेत्र के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर, वास्तुकला की उस भूमिका पर केंद्रित संवाद प्रस्तुत किया जो अनुभव और  कहानियों को आकार देती है। यह पहल ज्ञान म्यूजियम के सहयोग से आयोजित की गई, जो इस कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक भी रहे, जबकि अरबन ऑर्ट ने स्मृति-चिह्न प्रायोजक के रूप में सहयोग दिया।विक्की राजस्थान आर्किटेक्चर चैप्टर की प्रेसिडेंट, एआर. प्रीति अग्रवाल ने कहा:“यह कार्यक्रम हमारे कार्यकाल की दिशा तय करता है, जहाँ वास्तुकला केवल निर्मित संरचना नहीं, बल्कि लोगों, इतिहास और विचारों को जोड़ने का माध्यम है।”कार्यक्रम की शुरुआत संग्रहालय के ज्वेलरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे से हुई, जहाँ प्रतिभागियों ने आभूषण बनाने की प्रक्रिया और उसमें लगने वाली बारीकी को करीब से समझा। इसके बाद संग्रहालय का एक वॉकथ्रू हुआ, जिसका नेतृत्व संस्थापक अरुण ढड्ढा ने किया। उन्होंने संग्रह के विकास और उसकी क्यूरेटोरियल दृष्टि पर अपने विचार साझा किए।फ्रांसीसी डिज़ाइनर पॉल मैथ्यू द्वारा डिज़ाइन किए गए इस संग्रहालय की वास्तुकला भी चर्चा का मुख्य विषय रही। यहाँ रोशनी, सामग्री और गोलाकार डिजाइन के माध्यम से यह दिखाया गया कि जगह केवल वस्तुओं को रखने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें समझने का अनुभव देने के लिए भी होती है।विक्की राजस्थान आर्किटेक्चर चैप्टर की वाइस प्रेसिडेंट, एआर. गीतांजलि कसलीवाल ने वोट ऑफ थैंक्स के साथ कहा: “ज्ञान म्यूजियम में स्थान, शिल्प और सोच का सुंदर मेल देखने को मिलता है। यह हमें याद दिलाता है कि वास्तुकला सिर्फ इमारत नहीं, बल्कि विरासत और भविष्य के बीच एक सेतु है।”

वॉकथ्रू के बाद एक पैनल चर्चा आयोजित हुई, जिसमें अरुण ढड्ढा के साथ बातचीत हुई। इस चर्चा को अर. आस्था ठोलिया और अर. अदिति तनेजा ने संचालित किया। इसमें यह समझा गया कि वास्तुकला और क्यूरेशन मिलकर कैसे बहुस्तरीय कहानियाँ बनाते हैं । साथ ही यह भी समझा गया कि निजी संग्रह किस प्रकार सार्वजनिक सांस्कृतिक स्थलों में परिवर्तित होते हैं और कैसे स्थानिक डिज़ाइन दर्शकों की धारणा और अनुभव को प्रभावित करता है।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र, सम्मान समारोह, हाई-टी और नेटवर्किंग का आयोजन किया गया।इस कार्यक्रम में विक्की के कई प्रमुख सदस्य शामिल हुए, जिनमें  शमिनी शंकर जैन, पूर्व अध्यक्ष  कविता जैन, रेखा नेमानी, गीतांजलि कसलीवाल, संगीता मैथेल, अनिका मित्तल, सगुना वाधवा, पारुल गुप्ता, मनीषा शर्मा, प्रो. अर्चना सिंह राठौड़, कविता केडावत,  तन्वी गुप्ता, रेनु भगवत, उर्मिला पवार, जुही मेहता सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।“थ्रेड्स ऑफ़ टाइम ” के माध्यम से विक्की राजस्थान आर्किटेक्चर चैप्टर ने अपने नए कार्यकाल की स्पष्ट दिशा तय की है, जिसमें अनुभव से सीखना, आपसी संवाद और वास्तुकला को एक सांस्कृतिक रूप में समझने पर जोर दिया गया है।

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