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वसुंधरा राजे 'लक्ष्मण रेखा' पार कर कांग्रेस दफ्तर क्यों पहुंची थीं? पूर्व सीएम बोलीं- मना किया था, फिर भी गईं

वसुंधरा राजे 'लक्ष्मण रेखा' पार कर कांग्रेस दफ्तर क्यों पहुंची थीं?

जयपुर 15 जुलाई  राजस्थान विधानसभा में लोकतंत्र के अमृत महोत्सव के मौके पर वसुंधरा राजे ने कांग्रेस के नेताओं की काफी तारीफ की. इसी दौरान उन्होंने एक किस्सा भी साझा किया. जहां वर्तमान और पूर्व विधायक एक मंच पर थे, उनके बीच में राजे ने कहा कि कभी वो कांग्रेस दफ्तर पहुंची थीं. उस दौरान उन्हें कांग्रेस दफ्तर नहीं जाने की सलाह दी गई थी, बावजूद इसके वो दफ्तर पहुंचीं. उन्होंने बीजेपी सांसद राव राजेंद्र सिंह, कालीचरण सराफ़ और कांग्रेस के दिग्गज नेता बीडी कल्ला को अच्छा वक्ता बताया ।किस्सा साझा करते हुए राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "पूर्व सांसद डॉ.अबरार अहमद के निधन की सूचना पर वो कांग्रेस ऑफिस पहुंची थी. कई लोगों ने कहा कि आप सीएम है, आपका कांग्रेस कार्यालय जाना उचित नहीं. मैंने कहा कि राजनीति की लक्ष्मण रेखा से बहुत बड़ी है इंसानियत की भावना." उन्होंने कहा कि गुलाबचंद कटारिया, राजेंद्र राठौड़, सीपी जोशी, प्रद्युम्न सिंह, घनश्याम तिवाड़ी, डॉ.नाथू सिंह गुर्जर और राजपाल शेखावत तर्क के साथ बोलते थे तो पूरा सदन सुनता था, लेकिन आज ऐसा नहीं है. उन्होंने 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' के लिए सीएम भजनलाल शर्मा का आभार जताया. पूर्व सीएम ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण, 24 घंटे घरेलू बिजली, ईआरसी और सर्वश्रेष्ठ विधायक का चयन उनकी सरकार के निर्णय थे ।

इस मौके पर राजे ने राजस्थान के दो पूर्व मुख्यमंत्री भैरोंसिंह शेखावत और हरिदेव जोशी का भी किस्सा साझा किया. उन्होंने इन दोनों नेताओं को जिक्र करते हुए बताया कि भैरों सिंह शेखावत का व्यवहार हरिदेव जोशी से सिकंदर-पोरस जैसा था. सिकंदर ने पोरस को हराने के बाद भी उसके साथ एक शासक जैसा व्यवहार किया ।जिनेवा में पाकिस्तान द्वारा पेश किए मानवाधिकार हनन को रोकने के लिए पीएम नरसिम्हा राव ने अटलजी को भेजा, लेकिन अब राजनीति में प्रतिशोध है और भाषाई स्तर गिरा है ।

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