जयपुर। सांगानेर जगतपुरा महल रोड स्थित मुंबई हॉस्पिटल के पास 11- रामचंद्रपुरा में जन कल्याण संस्थान के तत्वावधान में पंचदिवसीय श्रीराम परिवार मंदिर का भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी करेंगे सभा को सम्बोधित
आयोजन समिति के गोपाल शरण ने बताया कि छोटी काशी गोविंद की पावन नगरी में रामचन्द्र पुरा स्थिति जन कल्याण संस्थान परिसर में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर का निर्माण किया गया है। जिसकी प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन है। इस पंचदिवसीय श्रीराम मंदिर के भव्य प्राण प्रतिष्ठा एवं विराट हिंदू सम्मेलन की सफलता के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य सुरेश सोनी ने मोती डूंगरी भगवान गणपति की पूजा अर्चना कर श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण देकर कार्यक्रम में पधारने का आग्रह किया।
राष्ट्रीय जागरण का अद्भूत आध्यात्मिक केंद्र
गोपाल शरण ने बताया कि यह मंदिर केवल पूजा पाठ का केंद्र नहीं होकर धर्म एवं संस्कृति, जागरण के द्वारा राष्ट्रीय जागरण का अद्भूत आध्यात्मिक केंद्र के उद्देश्य से निर्मित किया गया है।
प्राण प्रतिष्ठा का शाब्दिक अर्थ तो प्रतिमा में प्राण की स्थापना करना है लेकिन इस अनुष्ठान का धार्मिक महत्व इसके अर्थ से ज्यादा है
हिंदू धर्म परंपरा में प्राण प्रतिष्ठा एक पवित्र अनुष्ठान है, जो किसी मूर्ति या प्रतिमा में उस देवता या देवी का आह्वान कर उसे पवित्र या दिव्य बनाने के लिए किया जाता है। 'प्राण' शब्द का अर्थ है जीवन जबकि प्रतिष्ठा का अर्थ है 'स्थापना। ऐसे में प्राण प्रतिष्ठा का अर्थ है 'प्राण शक्ति की स्थापना' या 'देवता को जीवंत स्थापित करना।' भव्य श्रीराम मंदिर में भी श्रीरामजी के परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की जानी है।
ये रहेंगे पंचदिवसीय कार्यक्रम
इस अवसर पर प्रथम दिवस के अवसर पर 3 फरवरी मंगलवार को दशविध स्नान, हिमाद्रि संकल्प, प्रायश्चित हवन, भव्य कलश यात्रा, गणपति पूजन, मंडप प्रवेश, सर्व देव पूजन के बाद संत श्री बालकदास जी महाराज के प्रवचन होंगे।
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द्वितीय दिवस 4 फरवरी बुधवार को गणपति एवं मंडपस्थ देवताओं का पूजन, नूतन विग्रह का जलाधिवास कर्म, अग्नि स्थापना के कार्य किए जाएंगे।
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तृतीय दिवस 5 फरवरी गुरुवार को पूजन हवन आदि कार्य, घृतादिवास, शर्कराधिवास, पत्राधिवास, पुष्पाधिवास, फलाधिवास, धूपाधिवास सहित विभिन्नौषधिवास के कार्य संपन्न किए जाएंगे।
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चतुर्थ दिवस 6 फरवरी शुक्रवार को नित्य पूजन हवन आदि कार्य, देव स्थापना विधि, महा स्नान, नूतन विग्रह के न्यास, नैत्रोंन्मिलन संस्कार, राम जानकी विवाह सहित अनेक प्रकार के कार्य किए जाएंगे।
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पंचम दिवस 7 फरवरी शनिवार को पूजन हवन, भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा, पूर्णाहुति, महाआरती के साथ महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा।

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